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श्रेयस योजना: उच्च शिक्षा में पिछड़े-दलित छात्रों को 3509 करोड़ की मदद, कहां-कितना खर्चा, कितनों को मिला लाभ?

Wed, 16 Sep 2026 02:11 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

SHREYAS Scheme: श्रेयस योजना के तहत एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई, विदेश में उच्च शिक्षा और शोध के लिए सहायता मिलती है। 2014-15 से 2025-26 तक चार घटकों पर 3,509.39 करोड़ रुपये खर्च हुए।
 
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SHREYAS Scheme - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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SHREYAS Scheme: केंद्र सरकार एससी और ओबीसी विद्यार्थियों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए छात्रवृत्ति और सहायता से जुड़े कार्यक्रम चला रही है। इनमें छात्रवृत्ति फॉर हायर एजुकेशन फॉर यंग अचीवर्स स्कीम (Scholarships for Higher Education for Young Achievers Scheme) प्रमुख है। इसके तहत विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर उच्च शिक्षा, विदेश में पढ़ाई और शोध तक के लिए सहायता दी जाती है। 

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केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने यह जानकारी दी है कि पिछले वर्षों में इस योजना के तहत कितना खर्च हुआ, किन घटकों पर हुआ और कितने विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंचा है।

चार प्रमुख घटकों के जरिए मिलती है सहायता

श्रेयस योजना के तहत चार प्रमुख घटक हैं। इनमें शामिल हैं:
  1. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग
  2. प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता
  3. विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सहायता
  4. उन्नत शोध के लिए फेलोशिप

श्रेयस योजना में कितना खर्च हुआ और कितनों को मिला लाभ?

  • वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक श्रेयस योजना के चार प्रमुख घटकों के तहत करीब 3,509.39 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
  • इस अवधि में कुल 1,18,248 एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को लाभ मिला है।
 


कहां-कितना खर्च हुआ?

घटक खर्च लाभार्थी
निःशुल्क कोचिंग 145.10 करोड़ रुपये 23,208
टॉप क्लास शिक्षा 703.44 करोड़ रुपये 35,237
राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति 461.57 करोड़ रुपये 764
राष्ट्रीय फेलोशिप 2,199.28 करोड़ रुपये 59,039
कुल 3,509.39 करोड़ रुपये 1,18,248

इन चारों घटकों के जरिए विद्यार्थियों को शिक्षा के अलग-अलग चरणों में सहायता देने का प्रयास किया गया है। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई, विदेश में उच्च शिक्षा और उन्नत शोध तक का दायरा शामिल है।
 

निःशुल्क कोचिंग से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

श्रेयस योजना के निःशुल्क कोचिंग घटक के तहत आर्थिक रूप से कमजोर एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • इसका उद्देश्य प्रतियोगी और व्यावसायिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले पात्र विद्यार्थियों को मदद देना है।
  • इसके जरिए विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश और सार्वजनिक या निजी क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रतिस्पर्धा करने में सहायता देने का प्रयास किया जाता है।
  • वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 तक निःशुल्क कोचिंग घटक के तहत करीब 145.10 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस दौरान 23,208 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
 
वर्ष खर्च लाभार्थी
2024-25 17.68 करोड़ रुपये 2,136
2025-26 9.87 करोड़ रुपये 854
 

टॉप क्लास शिक्षा से प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई

टॉप क्लास शिक्षा घटक के तहत मेधावी एससी विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और व्यावसायिक या अकादमिक कार्यक्रमों की पढ़ाई से जुड़ी लागत में सहायता देना है।
  • 2014-15 से 2025-26 तक इस घटक के तहत करीब 703.44 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 35,237 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
  • 2014-15 में टॉप क्लास शिक्षा के तहत 19.37 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और 1,568 विद्यार्थियों को लाभ मिला था।
  • 2025-26 में खर्च बढ़कर 117.19 करोड़ रुपये हो गया और 4,742 विद्यार्थियों को लाभ मिला। यह इस अवधि में सबसे अधिक खर्च रहा।

राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति से विदेश में पढ़ाई का अवसर

राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र एससी विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए सहायता दी जाती है। इससे विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक अनुभव और उन्नत शिक्षा के अवसर मिलते हैं।
  • 2014-15 से 2025-26 तक राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति के तहत करीब 461.57 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस अवधि में 764 विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए विदेश गए।
  • 2014-15 में 20 विद्यार्थी विदेश गए थे। 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 114 हुई।
  • 2024-25 में 80 और 2025-26 में 67 विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए सहायता मिली।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में इस घटक के तहत 54.89 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

राष्ट्रीय फेलोशिप से उच्च शिक्षा और शोध में सहायता

राष्ट्रीय फेलोशिप फॉर एससी स्टूडेंट्स के तहत उच्च शिक्षा और शोध कार्यक्रमों में अध्ययन कर रहे एससी विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य उन्नत अकादमिक शोध को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को अध्यापन, शोध तथा अन्य ज्ञान आधारित क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए सहायता देना है।
  • 2014-15 से 2025-26 तक राष्ट्रीय फेलोशिप के तहत करीब 2,199.28 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस दौरान 59,039 विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
  • वित्त वर्ष 2025-26 में इस घटक के तहत 213.45 करोड़ रुपये खर्च किए गए और 4,218 शोधार्थियों को लाभ मिला।
  • 2024-25 में 209.50 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और 4,143 लाभार्थी थे।
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प्रतियोगी परीक्षा से शोध तक सहायता का दायरा

श्रेयस योजना के चारों घटक विद्यार्थियों को शिक्षा के अलग-अलग चरणों में सहायता उपलब्ध कराते हैं। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई, विदेश में उच्च शिक्षा और उन्नत शोध शामिल हैं।

सरकार के अनुसार, इन घटकों के जरिए सामाजिक रूप से वंचित समुदायों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और उन्हें अपनी शैक्षणिक एवं पेशेवर आकांक्षाएं पूरी करने में सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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