2008 के बाद महिला उम्मीदवारों को नहीं मिली डूसू अध्यक्ष पद पर जीत
वर्ष 2007 में एनएसयूआई की अमृता बाहरी अध्यक्ष पद पर काबिज हुई थीं। इसके अगले वर्ष 2008 में एबीवीपी की नुपुर शर्मा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। इसके बाद एनएसयूआई ने लंबे समय तक अध्यक्ष पद के लिए किसी छात्रा को टिकट नहीं दिया।
वर्ष 2019 में संगठन ने इस रणनीति में बदलाव करते हुए चेतना त्यागी को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह एबीवीपी के अक्षित दहिया से चुनाव हार गईं।
वर्ष 2025 में भी एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद पर छात्रा को मैदान में उतारकर 'गर्ल पावर' पर दांव लगाया, लेकिन ड्सू की सत्ता हासिल नहीं कर सकी। वहीं, वर्ष 2011 में एबीवीपी ने नेहा सिंह को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले एबीवीपी अध्यक्ष पद पर महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर जीत हासिल कर चुका था।