और अमर उजाला के ‘भविष्य ज्योति विद्यार्थी सम्मान-2019‘ में मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
मेधा ऐसी कि परीक्षा में पाए अंक भी उनके सामने बौने लगने लगें। एक ही ऑडिटोरियम में कई डिस्ट्रिक्ट टॉपर का उपस्थित होना आम बात नहीं है। लेकिन ऐसा ही हुआ जब शिक्षा में अग्रणी संस्थान शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस और अमर उजाला की ओर से आयोजित किए गए समारोह ‘भविष्य ज्योति विद्यार्थी सम्मान-2019’ में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। मथुरा और आसपास के मेधावी विद्यार्थियों को एक ही छत के नीचे एकत्रित करने का उद्देश्य उनकी सफलता को शहर के साथ साझा करना था। आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित इस सम्मान समारोह में सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीओ, रिफाइनरी, जितेंद्र कुमार, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो वीके शर्मा, हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज के डायरेक्टर डॉ. नवीन गुप्ता, उप पंजीयक मनोज गुप्ता और अमर उजाला के जितेंद्र राठौर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जितेंद्र कुमार ने कहा कि खुद को पहचानें और ऊंचाइयों को छू लें। अपनी प्रतिभा को पहचानें और पूरी लगन से मेहनत करें। आपको सफलता अवश्य मिलेगी।
इस अवसर पर एक मार्गदर्शन सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें हिंदुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज के डायरेक्टर डॉ. नवीन गुप्ता ने विद्यार्थियों से सफलता के टिप्स साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत में विश्व की सबसे ज्यादा युवा जनसंख्या है। इसलिए इसकी शक्ति को सही दिशा में उपयोग करना भी एक चुनौती है। हमारे यहां प्रतिभा तो है इसलिए भविष्य के लिए गंभीर होना और भी आवश्यक हो जाता है। विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए डॉ. गुप्ता ने बताया कि कैसे शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में विद्यार्थियों को उनके सुविधा क्षेत्र से बाहर निकालकर वैश्विक दुनिया के लिए तैयार किया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कुछ बिंदुओं पर काम किया जाए तो सफलता निश्चित मिलेगी। ये बिंदु हैं - सोच, धारणा, पारस्परिक संबंध, तनाव प्रबंधन और विफलता प्रबंधन।
शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रो वीके शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि परीक्षा में मिले नंबर सफलता की गारंटी नहीं होते। उन्होंने एक रिसर्च के माध्यम से बताया कि जो विद्यार्थी परीक्षा में 80-90 प्रतिशत नंबर लाते थे, वे सिर्फ 20-25 प्रतिशत सफल हुए, बाकि के असफल रहे और कुछ गुमनामी में चले गए। वहीं, 60-80 प्रतिशत अंक लाने वाले 55-60 प्रतिशत सफल रहे। 50-60 प्रतिशत अंक लाने वाले ऊपर के दोनों वर्गों के बॉस बने। वहीं, जिन विद्यार्थियों ने 40-60 प्रतिशत अंक हासिल किए थे, वे सर्वाधिक सफल रहे, क्योंकि ये इन तीनों वर्गों के बॉस बने। प्रो शर्मा ने बताया कि शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में विद्यार्थी के उन गुणों को भी विकसित किया जाता है जो सफलता के लिए जरूरी होते हैं। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी दिए गए।
मेधावी विद्यार्थियों की सूची
| नेहा शर्मा |
मानसी अग्रवाल |
आरूषी सिंह |
श्रेया गर्ग |
भावना शर्मा |
| 97.7 |
97 |
97.7 |
98.4 |
96 |
(Advertorial)