CUET PG 2024: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने आरोप लगाया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने सीयूईटी-पीजी 2024 आवेदन फॉर्म की फीस बढ़ा दी है। एनटीए निदेशक सुबोध कुमार सिंह को लिखे पत्र में छात्र संगठन की दिल्ली राज्य समिति ने कहा कि फीस वृद्धि देश में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के अवसरों पर एक "घोर हमला" है। इसमें कहा गया है कि यह "छात्र विरोधी" है और शिक्षा के "निजीकरण" की दिशा में एक कदम है।
सीपीआई (एम) के छात्र विंग के आरोप पर एजेंसी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, जबकि एसएफआई प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के वरिष्ठ सलाहकार एचसी गुप्ता से मुलाकात की और फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। देशभर के विश्वविद्यालयों में स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी)-पीजी एनटीए द्वारा आयोजित किया जाता है।
एसएफआई ने आरोप लगाया कि एनटीए ने धन की कमी के कारण सभी श्रेणियों के लिए सीयूईटी-पीजी आवेदन फॉर्म के शुल्क में 200 रुपये की बढ़ोतरी की है और इसका असर विशेष रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों और पिछड़े क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर पड़ेगा। एनटीए ने इस पर कहा है कि पर्याप्त धनराशि जारी नहीं की जा रही है, जिसके कारण ऐसी बढ़ोतरी हो रही है।
एसएफआई ने दावा किया कि एजेंसी ने सभी श्रेणियों के लिए शुल्क में 200 रुपये की बढ़ोतरी की है। सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए वर्तमान शुल्क 1,200 रुपये, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए 1,000 रुपये, अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए 900 रुपये और विकलांग व्यक्तियों के लिए 800 रुपये है।
एसएफआई ने एनटीए निदेशक सिंह को लिखे अपने पत्र में कहा, "एसएफआई इस तर्क का पुरजोर विरोध करती है और इसे सरकार द्वारा शिक्षा के पूर्ण निजीकरण की दिशा में उठाया गया एक और कदम बताती है। एनटीए कार्यालय में गुप्ता से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में एसएफआई सदस्य मेहिना (दिल्ली विश्वविद्यालय), नादिया (जामिया मिलिया इस्लामिया), सागर (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) और विभु (अंबेडकर विश्वविद्यालय) शामिल थे।