16 फरवरी तक हर जिले में पहुंच जाएगा प्रश्न-पत्र
24 फरवरी से शुरू होने वाली यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए प्रश्नपत्रों को 12 फरवरी से जिलों को भेजना शुरू किया जाएगा और 16 फरवरी तक सभी जिलों में प्रश्नपत्र पहुंचा दिए जाएंगे। अपरिहार्य कारणों से प्रश्नपत्र निर्धारित तिथि के एक-दो दिन पहले या बाद में भी पहुंच सकते हैं।
अवकाश पर भी जिला मुख्यालय न छोड़ने का मिला निर्देश
निदेशक ने डीआईओएस को निर्देश दिया है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एवं अतिसंवेदनशील कार्य को देखते हुए परीक्षा अवधि के दौरान अवकाश तिथियों पर भी जिला मुख्यालय न छोड़ें।
साथ ही कार्ययोजना बनाकर जिले में प्रश्नपत्र पहुंचने के तीन दिन पूर्व ही कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कराएं कि जिला मुख्यालय या डीआईओएस कार्यालय पर हर समय कोई न कोई राजपत्रित अधिकारी अवश्य रहे।
परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र पहुंचने के तीन दिन पहले से स्ट्रांग रूम स्थापित करने और 24 घंटे सातों दिन सीसीटीवी कैमरा क्रियाशील रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। कैमरे की रिकार्डिंग कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रख जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर बोर्ड को उपलब्ध करानी होगी।
परीक्षा की कॉपियों में हुए कई बदलाव
पहली बार ''अ'' कॉपियों के भीतरी पेजों पर नंबरिंग की गई है। परीक्षार्थियों को दी जाने वाली कॉपियों के हर पेज पर क्रमांक अंकित होगा। कॉपी से किसी भी तरह की छेड़छाड़ होने या पेज फाड़ने पर गड़बड़ी तुरंत पकड़ ली जाएगी। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया किया बोर्ड ने पहली बार यह व्यवस्था लागू की है।
"अ" और "ब" कॉपियों के रंग भी अलग, धागे से सिली गईं कॉपियां
वहीं ''अ'' और ''ब'' कॉपियों के कवर पृष्ठ पर क्रमांक पड़ा हुआ है ताकि, परीक्षार्थी चाहकर भी अंदर के पन्नों को नहीं बदल सकेगा। कॉपियां धागे से सिली गई हैं, ताकि स्टेपलर की पिन निकालकर पन्ने जोड़े या बदले नहीं जा सकें। इतना ही नहीं हाईस्कूल की ''अ'' कॉपी डार्क ब्राउन रंग एवं ''ब'' कॉपी डार्क वायलट रंग की भेजी गई है। इसके अलावा इंटरमीडिएट की ''अ'' कॉपी डार्क पिंक रंग और''ब'' कॉपी डार्क लाल रंग की भेजी गई है।
कॉपी व कला पत्र आदि के कवर पृष्ठ व अंतिम पेज पर माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश का लोगो सिक्योरिटी कोड के तहत छपवाया गया है। साथ ही ''अ'' कॉपी के अंदर के पृष्ठ पर भी लोगो लगाया गया है।
नकल की तो नहीं चेक होगी उत्तरपुस्तिका
यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान यदि कोई छात्र या छात्रा नकल करते पकड़ा गया तो उसकी कॉपी नहीं जांची जाएगी। एक करोड़ का जुर्माना या जेल की सजा नकल करवाने वालों पर ही लागू होगी।