अपने पाठ्यक्रम युक्तिकरण अभ्यास के हिस्से के रूप में, एनसीईआरटी ने पिछले साल घोषणा की थी कि कक्षा 10वीं की विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में "आनुवंशिकता और विकास" अध्याय को "आनुवंशिकता" से बदल दिया जाएगा। अध्याय से हटाए गए विषयों में 'विकास', 'एक्वायर्ड एंड इनहेरिटेड ट्रेट्स', 'ट्रेसिंग इवोल्यूशनरी रिलेशनशिप', 'जीवाश्म', 'इवोल्यूशन बाय स्टेज', 'एवोल्यूशन शुड बी इक्वेटिड विथ प्रोग्रेस' और 'ह्यूमन इवोल्यूशन' शामिल हैं।
ब्रेकथ्रू साइंस सोसाइटी के सदस्य हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा है कि माध्यमिक शिक्षा में डार्विनियन विकास के सिद्धांत को बहाल किया जाए। विकास की प्रक्रिया को समझना एक वैज्ञानिक सोच के निर्माण में महत्वपूर्ण है और छात्रों को इससे वंचित करना "शिक्षा का उपहास" है।
उन्होंने खुले पत्र में लिखा कि चिकित्सा और दवा की खोज, महामारी विज्ञान, पारिस्थितिकी और पर्यावरण से लेकर मनोविज्ञान तक समाज और राष्ट्र के रूप में हम जिन समस्याओं का सामना करते हैं को संबोधित करने के साथ ही यह मनुष्यों की हमारी समझ और जीवन के टेपेस्ट्री में उनके स्थान को भी बताती है। पत्र में कहा गया है कि हम में से कई स्पष्ट रूप से महसूस करते हैं, प्राकृतिक चयन के सिद्धांत हमें यह समझने में मदद करते हैं कि कोई महामारी कैसे आगे बढ़ती है या कुछ प्रजातियां विलुप्त क्यों हो जाती हैं।