वैज्ञानिकों ने ऐसा जीव खोजा है जो धरती पर बिना सांस लिए जीवित रहता है। विज्ञान की यह खोज जीवों के प्रति वैज्ञानिकों के नजरिए को बदल सकती है। अभी तक यही माना जाता रहा है कि धरती पर मौजूद सभी जीवों को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है। पहली बार वैज्ञानिकों ने ऐसा जीव खोजा है, जो कि एरोबिक रेस्परेशन (ऐसी मेटाबॉलिक प्रक्रिया जिसके तहत ऊर्जा ऑक्सीजन की उपस्थिति में उत्पन्न होती है) के बिना भी जीवित रह सकता है। यह एक परजीवी है जिसका नाम ब्लॉब है।
मनुष्य और जीवों को जिंदा रहने के लिए सांस, और कार्य करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। लेकिन यह जीव इन दोनों के बिना जीवित रहता है। इसे जीवित रहने के लिए एरोबिक रेस्परेशन की जरूरत नहीं होती है। एरोबिक रेस्परेशन एक ऐसी रसायनिक प्रक्रिया है जिसके जरिए जीव सांस लेते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं। इसी तंत्र के जरिए, कोशिकाओं में ऊर्जा का स्थानांतरण (ट्रांसफॉर्म्ड) होता है। ऐसे में वैज्ञानिकों की यह खोज, जीवन की उत्पत्ति को लेकर बहुत कुछ बयां करती है। नॉन-ऑक्सीजन ब्रीथिंग एनिमल की खोज वैज्ञानिकों की जीवन की उत्पत्ति और जीव संसार के प्रति दृष्टिकोण को बदल सकती है।