उन्होंने बताया कि सूबे के 37,645 स्कूलों में बच्चों के खेलने के लिए ग्राउंड तक नहीं है। 2,451 स्कूलों में पुस्तकालय की सुविधा और 16,368 स्कूलों में दीवार तक नहीं है। इतना ही नहीं, ओडिशा की शिक्षा व्यवस्था इससे भी बदतर है।
शिक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में बताया कि सूबे के 51,434 माध्यमिक,उच्च प्राथमिक और हाई स्कूल में पीने के स्वच्छ पानी की सुविधा है। उन्होंने कहा कि यहां माध्यमिक स्कूल में सालाना ड्रापआउट का औसत 5.42 फीसदी और उच्च माध्यमिक स्कूलों से ड्रापआउट का औसत 6.93 फीसदी है। यह आंकड़ा साल 2018-2019 का है।