क्रेडिन द्वारा किए गए सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 30,000 अभिभावकों में से केवल 50 फीसदी ने ही अपनी आर्थिक स्थिति और अन्य वित्तीय पहलुओं से संबंधित सवालों के जवाब दिए हैं। वहीं 55 फीसदी अभिभावक अपने हाथ में लिक्विडिटी रखना और विद्यालयों की फीस जमा करने में देरी करना चाहते हैं।
40 फीसदी फीस में अधिक छूट का कर रहे हैं इंतजार
सर्वे के निष्कर्षों के अनुसार, ऐसा नहीं है कि लोग फीस देने को तैयार नहीं हैं। 60 फीसदी अभिभावक स्कूल फीस भरने के लिए किस्त की सुविधा की मांग कर रहे हैं। कुछ अच्छी खबर सुनने की उम्मीद में, 40% माता-पिता फीस के भुगतान में देरी करते हैं क्योंकि वे स्कूलों और सरकार से फीस में अधिक छूट की उम्मीद कर रहे हैं।