TN NEET: पिछले साल अक्तूबर में, तमिलनाडु में सत्तारूढ़ DMK ने NEET को खत्म करने की मांग करते हुए 50 दिनों में 50 लाख हस्ताक्षर प्राप्त करने के लिए एक अभियान शुरू किया था। उच्चतम न्यायालय ने देशभर के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) को खत्म करने की मांग को लेकर तमिलनाडु में द्रमुक के हस्ताक्षर अभियान के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
शीर्ष अदालत एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें राज्य को वहां के स्कूलों में ऐसी गतिविधि की अनुमति न देने का निर्देश देने की मांग की गई थी। जस्टिस सूर्यकांत और केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि अखिल भारतीय आधार पर आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित की जानी चाहिए।
याचिकाकर्ता ने पीठ से कहा कि बच्चे परेशान हैं, उन्हें अंततः परीक्षा का सामना करना पड़ता है। इसपर न्यायमूर्ति कांत ने कहा कि आज की पीढी काफी कुशल है और इंफोर्मेशन से जुड़े रहते हैं। हमारे बच्चे इतने मासूम नहीं हैं और अब वे सब कुछ समझते हैं।
हालांकि, पीठ ने याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा, "वे हमारी पीढ़ी से बहुत आगे हैं। वे सब कुछ समझते हैं, मकसद क्या है, एजेंडा क्या है, यह कैसे होता है।"