Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (12 फरवरी) को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग के चेयरपर्सन डॉ. अनिल खुराना को पद से हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि उनका नियुक्ति प्रक्रिया कानून के अनुसार नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और मनमोहन की पीठ ने कर्नाटका हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए डॉ. खुराना को एक सप्ताह के भीतर पद छोड़ने का निर्देश दिया।
एक सप्ताह के अंदर हटाना होगा
कोर्ट ने कहा, "प्रतिवादी को तुरंत पद से हटाना होगा। 'तुरंत' का मतलब है, आज से एक सप्ताह के भीतर, ताकि वह वित्त से संबंधित कोई नीतिगत निर्णय लिए बिना अपना कार्यभार पूरा कर सकें। चेयरपर्सन के पद पर नई नियुक्ति के लिए जल्द प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"
डॉ. खुराना के पास आवश्यक अनुभव नहीं
यह आदेश डॉ. अमरागौड़ा एल पाटिल द्वारा डॉ. खुराना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया गया था। पाटिल (जो इस पद के लिए आवेदक थे) ने तर्क दिया था कि डॉ. खुराना के पास राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग अधिनियम, 2020 की धारा 4(2) और 19 के तहत आवश्यक अनुभव नहीं था, जो इस पद के लिए अनिवार्य था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डॉ. खुराना की नियुक्ति प्रक्रिया में कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया था, इसलिए उसे निरस्त कर दिया गया और नए चेयरपर्सन के चयन की प्रक्रिया शीघ्रता से शुरू करने का आदेश दिया गया।