एक को छोड़कर सभी सुझाव स्वीकार किए
मेहता ने कहा कि केंद्र ने सात सदस्यीय पैनल के सभी सुझावों को स्वीकार कर लिया है, सिवाय एक के - एनटीए द्वारा ऑनलाइन नीट परीक्षा आयोजित करने के।
उन्होंने कहा, "पूरे भारत में 26 लाख से अधिक छात्र एनईईटी देते हैं और सरकार को इंटरनेट और कंप्यूटर की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी... इसमें कुछ समय लगेगा," लेकिन (विशेषज्ञ पैनल की) रिपोर्ट स्वीकार कर ली गई है।
मेहता ने कहा कि मामले में कुछ भी नहीं बचा है और इसका निपटारा किया जा सकता है। पीठ ने प्रस्तुतियां और घटनाक्रमों पर गौर करते हुए कहा कि आगे किसी आदेश की आवश्यकता नहीं है।
अगस्त में परीक्षा रद्द करने से किया था इनकार
पिछले साल 2 अगस्त को शीर्ष अदालत ने विवादास्पद नीट यूजी 2024 को रद्द करने से इनकार कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि रिकॉर्ड में कोई पर्याप्त सामग्री नहीं है जो परीक्षा की अखंडता से समझौता करने वाले सिस्टमिक लीक या कदाचार को इंगित करती हो।
पूर्व भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाले सात सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल के कार्यक्षेत्र का विस्तार किया गया था, ताकि एनटीए के कामकाज की समीक्षा की जा सके और NEET-UG (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक) को पारदर्शी और कदाचार से मुक्त बनाने के लिए परीक्षा सुधारों की सिफारिश की जा सके।