यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं चल रहीं हैं और परीक्षा दे रहे परीक्षार्थी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। जिससे परीक्षा में वे अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।
आपको बता दें, कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा मंगलवार से शुरू हो गई है। जिसमें हर केंद्रों में कॉफी शक्ति और अनुशासन के साथ यह परीक्षा करायी जा रही है। हर परीक्षा कक्ष में वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अगर बात करें परीक्षा केंद्रों की तो कानपुर के केंद्रो में लगे सीसीटीवी वायस रिकार्डर के "डर" से 7800 छात्रों ने हिंदी विषय की लिखित परीक्षा को छोड़ दिया। वहीं मुख्य परीक्षा ने विभाग की तैयारियों का खुलशा कर दिया। लगभग 30 फीसदी कक्ष निरीक्षक परीक्षा में अनुपस्थित रहे वहीं परीक्षार्थियों को बी कॉपी की कमी रही। यूपी बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरों का परीक्षार्थियों में इतना डर रहा की उन्होंने सिर घुमाने तक की हिम्मत नहीं उठाई।
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उत्तर प्रदेश बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो चुकी है। लेकिन इनकी मुख्य परीक्षाएं मंगलवार से बोर्ड के टाइम टेबल के अनुसार शुरू की। प्रातः सुबह हाईस्कूल हिंदी और इंटरमीडिएट की व्यवसायिक परीक्षा वहीं शाम के समय इंटरमीडिएट की हिंदी विषय की परीक्षा शुरू की गई। दिन-रात की मेहनत के बाद परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों में पहुंचे। 8 बजे से परीक्षा कक्ष में पेपर वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई 15 मिनट पेपर पढ़ने के बाद 8:15 से परीक्षार्थियों की परीक्षा शुरू हुई।
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पेपर आसान आने से सभी परीक्षार्थियों के चेहरे खिले हुए थे। वहीं उड़न दस्तों ने भी केंद्रों का दौरा दो से तीन बार किया। हालांकि कक्ष निरीक्षकों की कमी और वहीं बी कॉपी की कामी भी छात्रों को परीक्षा के दौरन हुई। देखा जाएं तो डीआईओएस सतीश तिवारी ने दोनों पालियों की परीक्षा में लगभग आठ केंद्रों का दौरा किया। डीआईओएस ने बताया की परीक्षा कक्ष में लगे वायस रिकार्डर कैमरों से परीक्षा में काफी फायदा मिल रहा है। वायस रिकार्डर कैमरों से न सिर्फ परीक्षार्थियों में डर रहा बल्कि कक्ष निरीक्षक तक आपस में बात करते न नजर आए।
परीक्षा के समय पहली पाली में हाईस्कूल हिंदी में पंजीकृत किए गए कुल 51,761 परीक्षार्थियों में से 4,418 ने परीक्षा यह परीक्षा छोड़ दी उसी के साथ इंटरमीडिएट व्यवसायिक में पंजीकृत किए गए 546 छात्रों में से 30 परीक्षार्थियों ने भी परीक्षा छोड़ दी। दूसरी चरण की परीक्षा हुई इंटरमीडिएट हिंदी की परीक्षा में पंजीकृत किए गए कुल 47,854 परीक्षार्थियों में से 3,352 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
छात्रों के अनुसार इस बार की परीक्षा आसान रहीं। किसी भी प्रश्न में कोई त्रुटि नहीं रहीं। वहीं परीक्षार्थियों का कहना है की परीक्षा को लेकर कॉपी तनाव था लेकिन पेपर को देखकर सारा तनाव दूर हो गया। सीसीटीवी कैमरों की वजह से परीक्षा कक्ष में काफी फर्क देखने को मिला।