पढ़ाई के साथ साहित्य में भी बनाई पहचान
धीरज शर्मा और चारू शर्मा की बेटी दिविशा शर्मा केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि साहित्य और मंचीय गतिविधियों में भी सक्रिय रही हैं। वह विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर कविता पाठ में हिस्सा ले चुकी हैं। उन्होंने स्वयं भी कविताएं लिखी हैं। उनकी लिखी कविताएं एक चर्चित पुस्तक संग्रह में प्रकाशित भी हो चुकी हैं।
उनकी कविता संग्रह पुस्तक 'Hear Me 1st' को दिल्ली पोएट्री स्लैम (Delhi Poetry Slam) द्वारा प्रकाशित किया गया। बताया जाता है कि संस्कृति स्कूल की प्रिंसिपल रिचा अग्निहोत्री ने उनसे उनकी कविता पुस्तक अपने नाम समर्पित करने के लिए भी कहा था, जो दिविशा की साहित्यिक प्रतिभा और स्कूल में उनकी पहचान को दर्शाता है।
स्कूल गतिविधियों में भी निभाई अहम भूमिका
दिविशा शर्मा नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक संस्कृति स्कूल की छात्रा रही हैं। स्कूल जीवन के दौरान उन्होंने कई जिम्मेदार भूमिकाएं निभाईं। वह अपने हाउस ग्रुप की कप्तान भी रह चुकी हैं और नेतृत्व क्षमता के लिए उन्हें काफी सराहना मिली।
शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ साहित्य, नेतृत्व और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी ने दिविशा शर्मा को स्कूल के प्रमुख विद्यार्थियों में शामिल किया है।