आधार सत्यापन से डमी उम्मीदवारों पर लगेगी रोकथान
कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, अब आयोग अभ्यर्थियों के द्वारा किए गए दोहरे आवेदन, आवेदन पत्र के साथ किए जाने वाले सत्यापन, जालसाजी, और डमी कैंडिडेट्स को रोकने के लिए आधार सत्यापन प्रणाली का उपयोग कर सकेगा। इससे पहले, सितंबर 2024 में भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से आयोग को आधार कार्ड के माध्यम से अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन करने की अनुमति मिल चुकी थी। इस नए कदम से परीक्षा में फर्जी तरीके से शामिल होने वाले उम्मीदवारों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
आवेदन से लेकर नियुक्ति तक के प्रत्येक चरण में सत्यापन
आयोग के सचिव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में जैसे- ऑनलाइन आवेदन की जांच, साक्षात्कार, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन, लिखित परीक्षा और नियुक्ति में अभ्यर्थियों की पहचान का सत्यापन बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। डमी कैंडिडेट्स के मामलों को देखते हुए आधार बायोमेट्रिक सत्यापन आयोग की कार्यप्रणाली में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिससे आयोग की विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
प्रतियोगिता परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आरपीएससी ने समय-समय पर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कुछ समय पहले, वन टाइम रजिस्ट्रेशन के दौरान अंगूठे की निशानी, लाइव फोटो कैप्चर, ओएमआर शीट में पांचवा विकल्प और इंटरव्यू में बोर्ड आवंटन जैसे नवाचार किए गए थे।
अब आधार बायोमेट्रिक सत्यापन की मंजूरी मिलने के बाद, आरपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में और अधिक पारदर्शिता आएगी। आयोग ने बायोमेट्रिक सत्यापन की पूरी तैयारी कर ली है, और आने वाली परीक्षाओं में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।