कौन करता है झांकियों का चयन?
गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों का चयन एक निर्धारित और सुव्यवस्थित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय रक्षा मंत्रालय द्वारा किया जाता है। मंत्रालय हर वर्ष राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से झांकियों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है। ये प्रस्ताव निर्धारित थीम और दिशा-निर्देशों के अनुरूप होते हैं। इस वर्ष की थीम थीम 'स्वावलम्बन का मंत्र- वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ है।
समिति करती है मूल्यांकन
प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाती है, जिसमें कला, संस्कृति, चित्रकला, मूर्तिकला, संगीत, वास्तुकला और डिजाइन जैसे क्षेत्रों के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल होते हैं। यह समिति झांकियों का मूल्यांकन उनके विषय, प्रस्तुति, दृश्य प्रभाव, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और समग्र सौंदर्यबोध के आधार पर करती है।
कई चरणों की होती है चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है। प्रारंभिक चरण में प्रस्तुत किए गए स्केच और अवधारणा को परखा जाता है। इसके बाद शॉर्टलिस्ट की गई झांकियों से विस्तृत डिजाइन और त्रि-आयामी (3D) मॉडल प्रस्तुत करने को कहा जाता है। प्रत्येक चरण में समिति सुझाव देती है, जिनके आधार पर डिजाइन में आवश्यक सुधार किए जाते हैं। अंतिम चयन इन्हीं मानकों और समीक्षा के बाद किया जाता है।
परेड के लिए चयनित झांकियों को आवश्यक तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है। रक्षा मंत्रालय की ओर से झांकी के लिए ट्रैक्टर और ट्रेलर प्रदान किए जाते हैं। यदि कोई राज्य या विभाग किसी वैकल्पिक वाहन का उपयोग करना चाहता है, तो वह भी निर्धारित तकनीकी मानकों और अनुमति प्रक्रिया के तहत किया जाता है।