यहां अमेरिकी दूतावास में पब्लिक डिप्लोमेसी की मिनिस्टर काउंसलर ग्लोरिया बर्बेना ने कहा कि अमेरिका को चुनने वाले छात्रों की संख्या में दुनिया में अग्रणी होने के लिए भारत को बधाई। बर्बेना ने कहा कि यह स्पष्ट है कि भारतीय छात्र और उनके माता-पिता एक अमेरिकी शिक्षा के मूल्य को पहचानते हैं, जो उन्हें दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए और भविष्य के अवसरों के लिए तैयार करता है, चाहे वह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का क्षेत्र हो, उभरती प्रौद्योगिकियों, या उद्यमिता और नवाचार आदि।
दूतावास के एक बयान के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलोर, अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद स्थित 'एजुकेशन यूएसए' सलाहकार केंद्रों में भारतीय छात्रों को मुफ्त काउसंलिंग सेवाएं प्रदान करता है। बयान में कहा गया है कि सभी केंद्रों में एजुकेशन यूएसए के सलाहकार कार्यरत हैं, जो संयुक्त राज्य अमेरिका में अध्ययन के अवसरों के बारे में सटीक, व्यापक और अप-टू-डेट जानकारी प्रदान करते हैं, जिससे भारतीय छात्रों को सबसे अच्छा कोर्स चुनने और 4,000 मान्यता प्राप्त अमेरिकी उच्च शिक्षा संस्थानों में सेट होने में मदद मिलती है।
IIE 1919 में अपनी स्थापना के बाद से अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर एक वार्षिक सांख्यिकीय सर्वेक्षण आयोजित करता है और 1972 से यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के ब्यूरो ऑफ एजुकेशनल एंड कल्चरल अफेयर्स के साथ साझेदारी में ओपन डोर्स अमेरिकी विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय स्कॉलर्स की संख्या पर भी रिपोर्ट करता है।