कोरोना महामारी को देखते हुए द नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) ने 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
उन्होंने ट्वीट किया कि अपने छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनआईओएस ने 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी है। छात्रों के परिणाम को लेकर मानकों का जल्द एलान किया जाएगा। इसका लाभ करीब 1.75 लाख छात्रों को होगा।
मूल्यांकन, एनआईओएस डायरेक्टर एसके प्रसाद के अनुसार, जो छात्र अपने मूल्यांकन से संतुष्ट नहीं होंगे, उनके लिए ऑन डिमांड परीक्षा में शामिल होने का विकल्प होगा। यह परीक्षा हालात सामान्य होने पर कराई जाएगी।
ओडिशा में भी 12वीं की परीक्षा नहीं, कर्नाटक जुलाई में कराएगा 10वीं की परीक्षा
कोरोना महामारी को देखते हुए ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को अपने यहां 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दीं। प्रदेश मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि परीक्षाओं से महत्वपूर्ण छात्रों की सुरक्षा है। प्रदेश सरकार पहले ही 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं स्थगित कर चुकी है।
वहीं दूसरी ओर कर्नाटक जुलाई के तीसरे हफ्ते में बहुविकल्पीय प्रश्न फार्मेट पर 10वीं की परीक्षाएं कराएगा। महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश बृहस्पतिवार को ही 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं निरस्त करने का एलान कर चुके हैं। असम सरकार का कहना है कि वह छात्रों के मूल्यांकन को लेकर सीबीएसई के एलान के बाद कोई फैसला लेगा।