गहलोत ने कहा कि राजस्थान आज शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अद्भुत नवाचारों से देश में मॉडल स्टेट के रूप में पहचान बना रहा है। महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम विद्यालयों का गठन और दक्षता आधारित शिक्षण का विजन दूसरे राज्यों के लिए अनुकरणीय बन रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान में न केवल शिक्षा के आधारभूत ढांचे का विकास हुआ है बल्कि अकादमिक प्रगति भी हुई है।
बजट में 75 करोड़ के वित्तीय प्रावधान की घोषणा
कोविड के चलते शिक्षण स्थगित रहने के बावजूद हमारे विद्यार्थियों को पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिए निरंतर प्रयास किए गये हैं। इसी क्रम में कोविड के कारण हुई नौनिहालों की पढ़ाई की क्षति की भरपाई के लिए वर्ष 2022-23 के बजट में 75 करोड़ के वित्तीय प्रावधान से ब्रिज कार्यक्रम की घोषणा की थी।
टीचिंगऐड एप की सुविधा मिलेगी
इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों की क्षमता संवर्द्धन के कार्यक्रम संचालित होंगे तथा कक्षा तीन से आठ तक के सभी शिक्षकों के लिए टीचिंगऐड एप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में छोटे बच्चों की शिक्षा सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
सरकार द्वारा शिक्षा जारी रखने के लिए किए गए डिजिटल नवाचारों के बावजूद दूर-दराज के क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा से जुड़ नहीं पा रहे थे। ब्रिज कोर्स का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों का शैक्षणिक स्तर वर्तमान कक्षा के अनुरूप लाना है। इससे उन्हें भविष्य में तकलीफ नहीं आएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘राजस्थान के शिक्षा में बढ़ते कदम’ कार्यक्रम का पोस्टर व लोगो भी जारी किया।