शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, “क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 में रिकॉर्ड 54 संस्थानों की भागीदारी भारत की शिक्षा प्रणाली में आए परिवर्तन और प्रगति का प्रमाण है। यह सिर्फ बदलाव नहीं, बल्कि एक शैक्षिक क्रांति है।”
उन्होंने यह भी कहा कि, “भारत अब G20 देशों में सबसे तेजी से बढ़ती शिक्षा प्रणाली है और अमेरिका, यूके और चीन के बाद चौथा सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला देश बन चुका है।”
IIT दिल्ली बनी भारत की टॉप यूनिवर्सिटी
इस साल की रैंकिंग में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली को 123वां स्थान मिला है, जो भारत का सर्वोच्च स्थान है। इसके अलावा कई अन्य IITs और प्रमुख विश्वविद्यालयों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।
कौन करता है यह रैंकिंग?
क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग का प्रकाशन लंदन स्थित वैश्विक उच्च शिक्षा विश्लेषण फर्म Quacquarelli Symonds (QS) द्वारा किया जाता है। यह रैंकिंग कई मानकों (जैसे- अकादमिक प्रतिष्ठा, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, शोध प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की उपस्थिति और स्नातकों की रोजगार क्षमता) पर आधारित होती है।
भारत बना चौथा सबसे बड़ा प्रतिनिधि देश
इस साल भारत से 8 नए संस्थानों को पहली बार रैंकिंग में शामिल किया गया है, जिससे कुल संख्या 54 तक पहुंची है। अब भारत इस सूची में अमेरिका (192), यूके (90), और चीन (72) के बाद चौथा सबसे बड़ा प्रतिनिधित्व वाला देश बन चुका है।
किसी भी अन्य देश ने इस साल QS रैंकिंग में इतनी अधिक संख्या में संस्थानों को शामिल नहीं किया है। जॉर्डन और अज़रबैजान क्रमशः छह-छह नए संस्थानों के साथ भारत के बाद दूसरे स्थान पर हैं।