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Review: जब मदद आपके काम न आए, जानिए सही मदद न मिलने की वजह और इससे बचने के उपाय

Thu, 19 Jun 2025 10:46 AM IST
शिवम गर्ग कोलिन एम. फिशर, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू

सार

Harvard Business Review: मदद लेने के बावजूद जब समस्या हल नहीं होती, तो कारण सही तरीके से मदद न मांगना होता है। जानिए कैसे स्पष्ट संवाद और सही अपेक्षाएं मदद को प्रभावी बना सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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How to Ask for Help: क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई आपकी मदद करता है, तो कभी-कभी वह बेकार क्यों साबित होती है? अक्सर, ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि मदद करने वाला व्यक्ति आपकी असली जरूरत को समझ नहीं पाता या आप उसे अपनी समस्या को सही ढंग से समझा नहीं पाते हैं। ऐसे में, दूसरा व्यक्ति अपने हिसाब से आपकी सहायता कर देता है, जो अक्सर आपके काम नहीं आती।

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इस स्थिति में गलत तरीके से मिली मदद से आपको झुंझलाहट, तनाव और कमजोरी महसूस हो सकती है तथा यह सीधे आपके काम व व्यवहार पर भी असर डालती है। इसलिए आपको यह समझना होगा कि कोई मदद आपके लिए अनुपयोगी क्यों होती है और इसे कैसे रोका जाए। इसके कुछ तरीके हैं।

सही मदद न मिलने के कारण

आपको सबसे पहले सही मदद न मिलने की वजह को जानना होगा। इसके तीन मुख्य कारण हैं। पहला, लोग अस्पष्ट तरीके से मदद मांगते हैं, जिसे शोधकर्ता 'अस्पष्ट अनुरोध' कहते हैं। दूसरा, ये अस्पष्ट अनुरोध लोगों में बहुत ज्यादा उम्मीदें पैदा करते हैं, उन्हें लगता है कि उनकी समस्या महज इसलिए हल हो जाएगी, क्योंकि कोई मदद करने के लिए राजी हो गया है। तीसरा, जब मदद काम नहीं करती, तो भावनाएं बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं। उसके पूरा न होने पर निराशा महसूस होती है।

मदद मांगने का पहला कदम

मदद मांगना समस्या को स्पष्ट रूप से समझने और समझाने से शुरू होता है। मदद का अनुरोध ऐसे लहजे में करें कि मददगार को समझ में आ जाए कि वास्तव में आपको किस तरह के सहयोग की जरूरत है। इसके लिए कुछ सवालों पर गौर करें, जैसे कि आपको अपने लक्ष्य तक समय पर पहुंचने से क्या रोक सकता है? या किसी परियोजना में शामिल होने पर आपसे क्या उम्मीद की जा सकती है? आदि। याद रखें, समस्या को समझकर ही मदद मांगे।
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आशावादी अपेक्षाएं न रखें

अक्सर अस्पष्ट अनुरोध करने वाला व्यक्ति यह मान लेता है कि उसकी जरूरतों को सामने वाले ने ठीक ढंग से समझ लिया है और उन्हें पूरा किया जाएगा। इसे आशाबादी अपेक्षाएं कहते हैं। जब मदद अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होती है, तो समस्या और भी ज्यादा जटिल हो जाती है। ऐसी कोई भी मदद सिर्फ किसी प्रोजेक्ट को पटरी से नहीं उत्तारती, बल्कि रिश्तों और मनोबल को नुकसान पहुंचाती है। ऐसा करने से बचें।

विनम्रता के जाल से बचें

दरअसल, मदद मांगना किसी एहसान के लिए पूछने जैसा है, इसलिए हर कोई इसे विनम्रता से करना चाहता है। हालांकि, कभी-कभी यह दांव उल्टा भी पड़ जाता है, क्योंकि मदद मांगते समय आप इतने विनम्र हो जाते हैं कि अपने अनुरोधों को अस्पष्ट बना देते हैं और सहायता की बजाय सामान्य इनपुट या दिशाहीन फीडबैक मांग बैठते हैं, जो घातक साबित होता है।
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