अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2018-19 के अनुसार, भारतीय विश्वविद्यालयों में नामांकित अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या सिर्फ 47,427 थी। भारत 2023 के अंत तक 2,00,000 अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करना चाहता है, जो वर्तमान कुल के चार गुना से अधिक है। यह एक ऐसा लक्ष्य है, जिसकी समीक्षा करने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि यह कोविड-19 महामारी से पहले निर्धारित किया गया था और महामारी ने अंतरराष्ट्रीय छात्रों को बड़े स्तर पर प्रभावित किया है।
शीर्ष 10 शहरों में से पांच एशियाई
क्यूएस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेन सॉटर ने कहा, इस रेंटिंग में दुनिया के शीर्ष 10 शहरों में से पांच एशिया में स्थित हैं, जो एशिया महाद्वीप को बड़े स्तर पर उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के गढ़ के रूप में उजागर करते हैं। सॉटर ने बताया कि क्यूएस बेस्ट स्टूडेंट सिटीज रैंकिंग छात्रों को उनकी पढ़ाई संबंधी निर्णय लेने के लिए प्रभावित करने वाले जैसी अफोर्डेबिलिटी, क्वालिटी ऑफ लाइफ, स्टैंडर्ड ऑफ यूनिवर्सिटीज और पूर्व छात्रों का फीडबैक या उनके विचार आदि पर आधारित है। इस साल सूची में लंदन शीर्ष स्थान पर है। जोकि अपने चार साल से लगातार कायम है। उसके बाद दूसरे नंबर पर दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल है। सियोल एशियाई शहरों में सबसे ऊपर है, उसके बाद टोक्यो, हांगकांग, सिंगापुर और ओसाका का नंबर है।