SGPC और अकाल तख्त की प्रतिक्रिया
मामले ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों को भी झकझोर दिया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने सख्त नाराज़गी जताई और कहा कि यूनिवर्सिटी ने सिख मर्यादा का उल्लंघन किया है। SGPC ने हस्तक्षेप कर बाकी प्रतियों को गोइंदवाल साहिब भेजा, जहां गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी प्रणाम सिंह ने अरदास कर पुस्तकों का सम्मानजनक विसर्जन किया।
अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने भी इस घटना को “गंभीर बेअदबी और सिख विरोधी मानसिकता” बताया। उन्होंने कहा कि महान कोश कोई साधारण ग्रंथ नहीं बल्कि गुरबाणी और सिख इतिहास से जुड़ा अनमोल खजाना है।
यूनिवर्सिटी का माफीनामा और धार्मिक कार्यक्रम
विवाद बढ़ने के बाद पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने खेद जताते हुए कहा कि यह अनजाने में हुई लापरवाही थी। एक प्रायश्चित के तौर पर कैंपस गुरुद्वारे में अखंड पाठ साहिब का आयोजन किया जाएगा, जिसका भोग सोमवार को होगा।