स्कूल की छुट्टी का अंतिम फैसला डीसी करेंगे
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेजों के खोलने या बंद रहने का अंतिम निर्णय संबंधित जिला के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) द्वारा लिया जाएगा। इसके तहत जिला प्रशासन स्थानीय हालात का पूरा जायजा लेकर यह सुनिश्चित करेगा कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा बनी रहे। यदि किसी क्षेत्र में स्कूल भवन या अवसंरचना में कोई नुकसान या खतरा पाया जाता है, तो डीसी उस क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने या परिचालन में बदलाव करने का आदेश दे सकते हैं। इस प्रकार, प्रशासन हर परिस्थिति में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा और केवल तभी कक्षाओं को नियमित रूप से शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
9 सितंबर से सामान्य रूप से खुलेंगे स्कूल
इसके साथ ही प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा कि स्कूल की इमारत और कक्षाएं पूरी तरह से सुरक्षित हों, ताकि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। 8 सितंबर को राज्य के सभी सरकारी स्कूल छात्रों के लिए बंद रहेंगे, लेकिन शिक्षक स्कूलों में उपस्थित रहेंगे और एसएमसी, पंचायतों, नगर परिषदों और निगमों की मदद से सफाई और तैयारियों का कार्य पूरा करेंगे।
शिक्षक स्कूल भवनों और कक्षाओं का पूरी तरह निरीक्षण करेंगे और यदि कोई कमी या सुरक्षा संबंधी समस्या पाई जाती है, तो इसकी जानकारी तुरंत जिले के डिप्टी कमिश्नर और इंजीनियरिंग विभाग को दी जाएगी। 9 सितंबर से सभी सरकारी स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे और छात्र नियमित कक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।