12वीं की परीक्षा की तैयारी कर रहीं
गुलनार ईरानी बताती हैं कि वह बचपन में थोड़ा बहुत मदरसे में जाकर पढ़ीं थी। इसके आधार पर ही आज इमामबाड़ा में दूसरों को शिक्षित करने का काम कर रही हैं। स्वयं साक्षर बनीं गुलनार, अब दूसरों को साक्षर बनाते हुए अक्षर ज्ञान दे रही है। हालांकि, अब उन्होंने 10वीं की परीक्षा पास कर प्रमाण-पत्र पा लिया है और 12वीं की परीक्षा की तैयारियों में जुटी हैं।
पढ़ाई पूरी कर, शिक्षक बनने की है इच्छा
गुलनार, अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद एक शिक्षक बनने की इच्छा रखती है। गुलनार ईरानी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को एक साक्षात्कार में कहा कि 12वीं की परीक्षा पूरी करने के बाद, मैं एक टीचिंग कोर्स करना चाहती हूं। जिससे कि में एक अच्छी शिक्षक बन सकूं...। गुलनार ने कहा, मैं सिर्फ इतना कहना चाहती हूं कि शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।