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NCERT की किताबों को लेकर बैकफुट पर आए स्कूल अब अपना रहे नई पैंतरेबाजी

Thu, 05 Apr 2018 11:10 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बैकफुट पर आए पब्लिक स्कूलों ने पैंतरेबाजी शुरू कर दी है। कुछ स्कूलों ने एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ साइड बुकों की सूची अभिभावकों को थमाई जा रही है। इससे स्थिति जस की तस रह जाएगी। विभागीय अधिकारी ने इसे गलत करार देते हुए शिकायत मिलने पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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सरकार ने इस वर्ष पब्लिक स्कूलों में भी एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करने का निर्णय लिया हैं। जिससे मंहगे प्रकाशन की पुस्तकों का बोझ से अभिभावकों को राहत दी जा सके। पब्लिक स्कूल इसका पूर्ण जोर विरोध कर रहे है।


 

पुस्तकों के साथ साइड बुक अनिवार्य कर रहे

BOOKS
पब्लिक स्कूलों ने एक ओर जहां सरकार के इस निर्णय को कोर्ट में चुनौती दी है, वहीं पब्लिक स्कूल हड़ताल पर भी चले गए थे, लेकिन कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पब्लिक स्कूलों को तत्काल प्रभाव से स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे। जिससे रुड़की में पांच अप्रैल से स्कूल खुल गए। जिससे पब्लिक स्कूल पूरी तरह बैकफुट पर नजर आ रहे है।

अब इसके बाद पब्लिक स्कूल नये पैंतरेबाजी अपना रहे है। कुछ स्कूलों ने सरकार के कड़े रुख को देखते हुए एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू कर दी है, लेकिन कुछ स्कूलों ने इसमें भी पैंतरेबाजी शुरू कर दी है। स्कूलों ने एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ साइड बुक अनिवार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही इन बुकों की सूची स्कूलों से अभिभावकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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साइड बुक लगाने को लेकर शिक्षा मंत्री से शिकायत

पब्लिक स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ कोई अन्य साइड बुक नहीं लगाई जाएगी। यदि ऐसा कहीं हो रहा है, तो वह गलत है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
 जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, ब्रह्मपाल सिंह सैनी

साइड बुक लगाने को लेकर शिक्षा मंत्री से शिकायत
 साइडबुक को लेकर शिक्षा मंत्री से एक अभिभावक ने शिकायत की है।  एक अभिभावक का बच्चा भगवानपुर क्षेत्र के एक शिक्षण संस्थान में पढ़ता है। अभिभावक ने शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को फोन पर शिकायत करते हुए बताया कि स्कूल में एनसीईआरटी की पुस्तकों के साथ साइडबुक अनिवार्य की जा रही है। इससे छोटी कक्षा के बच्चे की किताबें भी करीब तीन से चार हजार की आ रही हैं। जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझभार बढ़ रहा हैं। शिक्षा मंत्री ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
 
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