हरियाणा सरकार ने निजी स्कूलों को आदेश दिया है कि वो लॉकडाउन के दौरान फीस नहीं बढ़ाएंगे। स्कूल इस दौरान सिर्फ अभिभावकों से ट्यूशन फीस ही लेंगे। इसके अलावा, किसी भी तरह की फीस नहीं वसूली जाएगी। सरकार ने निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस नहीं बढ़ाने का भी आदेश दिया है।सरकार का साफ कहना है कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों से ट्यूशन फीस के अलावा किसी भी तरह का अन्य शुल्क नहीं वसूलेगा।
सरकार का कहना है कि निजी स्कूल अभिभावकों से लॉकडाउन के दौरान परिवहन शुल्क नहीं लेंगे। अगर कोई विद्यार्थी लॉकडाउन के दौरान फीस नहीं दे पाता है तो उसे स्कूल से नहीं निकाला जाएगा और न ही उसे ऑनलाइन कक्षा लेने से रोका जाएगा। सरकार का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूल किताबों और प्रैक्टिकल कॉपी में कोई बदलाव नहीं करेंगे। गौरतलब है कि सरकार को अभिभावकों की तरफ से निजी स्कूलों के मनमानी के फीस वसूलने की शिकायत मिल रही थी। अभिभावकों का कहना था कि जब स्कूल बंद हैं तो ऐसे में निजी स्कूल परिवहन और दूसरे तरह के शुल्क की मांग क्यों कर रहे हैं।
सरकार के इस फैसले के साथ ही हरियाणा शिक्षा बोर्ड ने शिक्षकों से घर से कॉपियों का मूल्यांकन करने के लिए कहा है। बता दें कि हरियाणा के साथ ही दिल्ली और यूपी में भी लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों के फीस बढ़ाने पर पाबंदी लगा दी गई है। कोई भी निजी स्कूल लॉकडाउन के दौरान ट्यूशन फीस के अलावा किसी भी तरह का अन्य शुल्क नहीं वसूलेंगे।