Pre-matric Scholarship: केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के बुधवार को कहा कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति अब केवल ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं और 10वीं तक सीमित कर दी गई है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि छात्रवृत्ति को तर्कसंगत बनाने के लिए ऐसा किया गया है।
उन्होंने एक लिखित जवाब में कहा कि मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति अब केवल ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं और 10वीं तक सीमित कर दी गई है। उन्होंने एक लिखित जवाब में कहा कि कुमार ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 सरकार के लिए प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा कक्षा एक से आठवीं तक प्रदान करना अनिवार्य बनाता है। तदनुसार, केवल कक्षा नौवीं और 10वीं के छात्रों को ओबीसी के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कवर किया गया है।
हालांकि, एक अन्य सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक ने कहा कि विभिन्न व्यक्तियों और संगठनों से उनकी जनसंख्या के आधार पर ओबीसी को आरक्षण देने के लिए अभ्यावेदन प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने एक लिखित जवाब में कहा कि शिक्षा और रोजगार में ओबीसी के लिए 50 फीसदी आरक्षण देने का कोई प्रस्ताव नहीं है।