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Mann Ki Baat: मन की बात में शिक्षा और नवाचार पर रहा पीएम का जोर, सर्वे में माना गया प्रभावी विषय

Sun, 30 Apr 2023 12:42 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

 PM Modi Mann ki Baat Today : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को देश की जनता के साथ 100वीं बार 'मन की बात' की। बीते करीब नौ साल से हर महीने के आखिरी रविवार को प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम प्रसारित हो रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री लोगों को प्रेरित करते हैं। 
 
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PM Modi Mann Ki Baat - फोटो : Amar Ujala Graphics
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Mann ki Baat 100 Episode: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को देश की जनता के साथ 100वीं बार 'मन की बात' की। बीते करीब नौ साल से हर महीने के आखिरी रविवार को प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम प्रसारित हो रहा है। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री लोगों को प्रेरित करते हैं। 

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC) के एक सर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में उठाए गए सबसे प्रभावशाली विषयों में भारत के जमीनी स्तर पर बदलाव ला रहे जननायकों के बारे में जानकारी और प्रेरक प्रसंग शामिल हैं। जिससे न केवल छात्र-छात्राओं को बल्कि हर वर्ग के लोगों को सीख और प्रेरणा मिलती रही है। बात चाहे आजादी के अमृत महोत्सव के जश्न में शामिल होने की हो या स्वच्छता की या फिर परीक्षाओं में दिनों में उत्साह बढ़ाने की, पीएम मोदी हमेशा विद्यार्थियों को प्रेरित करते रहे हैं।

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दिलचस्प बात यह है कि सर्वेक्षण में पाया गया कि मन की बात सुनने के लिए इंटरनेट पसंदीदा मंच था, जिसकी कल्पना एक रेडियो कार्यक्रम के रूप में की गई थी। देश भर के 116 समाचार संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों से मीडिया से जुड़े कुल 890 व्यक्तियों ने अध्ययन में भाग लिया।

मन की बात पहली बार तीन अक्तूबर 2014 को प्रसारित हुई थी और अब तक इसके 99 एपिसोड पूरे हो चुके हैं। रेडियो कार्यक्रम 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दो महीने के अंतराल को छोड़कर लगभग निरंतर चलता रहा है। यह मन की बात का 100वां एपिसोड है, जो 30 अप्रैल रविवार को प्रसारित होने वाला है।

IIMC के अध्ययन में पाया गया कि अध्ययन में भाग लेने वाले 76 प्रतिशत मीडियाकर्मियों का मानना था कि रेडियो कार्यक्रम ने देशवासियों को "वास्तविक भारत" से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 'देश के बारे में ज्ञान' और 'देश के बारे में प्रधानमंत्री की दृष्टि' दो महत्वपूर्ण कारण हैं जो उन्हें कार्यक्रम सुनने के लिए प्रेरित करते हैं।
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अध्ययन में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया कि 12 प्रतिशत उत्तरदाता रेडियो का उपयोग करते हैं, 15 प्रतिशत टेलीविजन और 37 प्रतिशत मन की बात सुनने के लिए इंटरनेट-आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।
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