तुलना से बचें, सहयोग का माहौल बनाएं
एक छात्र ने पूछा कि जब माता-पिता दूसरे बच्चों से तुलना करते हैं तो क्या करना चाहिए। इस पर
पीएम मोदी ने कहा कि परिवार में प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाने के बजाय सहयोग और समझ बढ़ानी चाहिए। बच्चों की तुलना करने से उनका आत्मविश्वास प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि किसी एक बच्चे की इतनी अधिक प्रशंसा न करें जिससे दूसरे को हीन भावना हो। परिवार में संतुलित व्यवहार ही बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।
यह भी पढ़ें: एआई के बढ़ते इस्तेमाल से डर लगता है...', पीएम ने छात्रों को दिए डिजिटल बैलेंस के टिप्स
आत्मविश्वास का असली मतलब क्या है?
चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने आत्मविश्वास को 'आत्म' और 'विश्वास' का मेल बताया। उनके अनुसार, जिस व्यक्ति को खुद पर भरोसा होता है, वह कठिन परिस्थितियों में भी डगमगाता नहीं है।
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए बताया कि बड़े मंच पर जाने से पहले घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन विश्वास और तैयारी से ही सफलता मिलती है। इसी तरह उन्होंने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का जिक्र करते हुए कहा कि असफलता जीवन का हिस्सा है और उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।
यह भी पढ़ें: परीक्षा पे चर्चा के दूसरे सत्र में PM ने छात्रों को दिए गुरुमंत्र
पढ़ाई, एआई और मानसिक संतुलन पर जोर
इस एपिसोड में पीएम मोदी ने छात्रों को एआई से डरने के बजाय उसे सीखने और सही दिशा में उपयोग करने की बात भी कही। साथ ही उन्होंने पर्याप्त नींद लेने, तनाव कम करने और लिखने की आदत विकसित करने जैसे व्यावहारिक सुझाव दिए। उनका कहना था कि पढ़ाई के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
परीक्षा पे चर्चा 2026 का यह सत्र छात्रों के लिए मार्गदर्शन के साथ-साथ अभिभावकों के लिए भी एक संदेश लेकर आया है कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें आत्मविश्वासी और संतुलित बनाने में मदद करें।