डिजिटल दौर की चुनौतियों पर हुई बात
इस एपिसोड में पीएम मोदी ने परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ डिजिटल दौर की चुनौतियों पर भी खुलकर चर्चा की। उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने के तरीके बताए और कहा कि तकनीक का इस्तेमाल समझदारी से होना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा से पहले घबराहट महसूस कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह सत्र मार्गदर्शक साबित हो सकता है। कार्यक्रम में अभिभावकों की भूमिका पर भी जोर दिया गया और उन्हें बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालकर सहयोगी बनने की सलाह दी गई।
'एआई के बढ़ते इस्तेमाल से डर लग रहा है'
एआई को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने कहा कि नई तकनीकों से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें अपने विकास के लिए उपयोग करना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि तकनीक जीवन को आसान बनाने का माध्यम है, लेकिन उसका नियंत्रण हमेशा व्यक्ति के हाथ में होना चाहिए।
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नींद को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर बात करते हुए पीएम मोदी ने छात्रों को नियमित रूप से पर्याप्त आराम करने, हंसते रहने और सकारात्मक सोच बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी नींद से दिमाग तरोताजा रहता है और नए विचार जन्म लेते हैं। साथ ही उन्होंने छात्रों को सिर्फ पढ़ने के बजाय लिखने की आदत विकसित करने पर जोर दिया।
सफल लोगों के सफर से सीखना
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सफल लोगों की ऊंचाई देखकर घबराने की बजाय उनकी शुरुआत को समझना चाहिए। छात्रों को अपने सपनों के साथ आगे बढ़ने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश दिया।