PPC 2021 : परीक्षा पे चर्चा
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अभिव्यक्ति का तरीका रोचक बनाइए
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आप खाली समय अर्न करते हैं तो आपको उसकी सबसे ज्यादा वैल्यू पता चलती है। इसलिए, आपकी लाइफ ऐसी होनी चाहिए कि जब आप खाली समय अर्न करें तो वो आपको असीम आनंद दे। अपने विचारों को, भावों को, अभिव्यक्त करने का तरीका रोचक बनाइए। ज्ञान का दायरा कई बार वहीं तक सीमित होता है, जो आपके आसपास उपलब्ध है।
बच्चे बड़े स्मार्ट होते हैं, उन पर बोझ न डालें
बच्चे बड़े स्मार्ट होते हैं। जो आप कहेंगे, उसे वो करेंगे या नहीं करेंगे, यह कहना मुश्किल है, लेकिन इस बात की पूरी संभावना होती है कि जो आप कर रहे हैं, वो उसे बहुत बारीकी से देखता है और दोहराने के लिए लालायित हो जाता है। अक्सर माता-पिता अपने मन में कुछ लक्ष्य तैयार कर लेते हैं। फिर अपने उन सपनों, लक्ष्यों को पूरा करने का बोझ बच्चों पर डाल देते हैं।
बच्चों को सिखाने, संस्कार देने की जिम्मेदारी परिवार की
बच्चों के पीछे इसलिए भागना पड़ता है क्योंकि उनकी रफ्तार हमसे ज्यादा है। बच्चों को बताने, सिखाने, संस्कार देने की जिम्मेदारी परिवार की ही है, लेकिन कई बार बड़े होने के साथ हमें भी मूल्यांकन करना चाहिए। किसी को भी मोटिवेट करने का पहला पार्ट है- ट्रेनिंग। प्रॉपर ट्रेनिंग एक बार बच्चे का मन ट्रेन हो जाएगा तब उसके बाद मोटिवेशन का समय शुरू होगा।
बच्चों के साथ समय बिताएं
प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों के साथ समय बिताने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि तभी वह बच्चों के असली सामर्थ्य और उनकी रुचि का अंदाजा लगा पाएंगे। उन्होंने कहा, लेकिन आज कुछ मां-बाप इतने व्यस्त हैं कि वे बच्चों को समय ही नहीं दे पाते। बच्चे के सामर्थ्य का पता लगाने के लिए उन्हें परीक्षाओं का परिणाम देखना पड़ता है।
इसलिए, बच्चों का आकलन भी परीक्षा के परिणाम पर सीमित हो गया है। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों को परामर्श देते हुए कहा कि अपने बच्चे के साथ उसकी जनरेशन की बातों में दिलचस्पी दिखानी चाहिए। अगर, आप उसके आनंद में शामिल होंगे, तो आप देखिएगा जनरेशन गैप कैसे खत्म हो जाएगा।