मध्यप्रदेश में रहने वाले एक परिवार के यहां जन्मे डाॅ केके अग्रवाल ने 1979 में नागपुर विश्वविद्यालय से एमबीबीएस पढ़ाई पूरी की। साल 1983 में एमडी करने के बाद डाॅ अग्रवाल ने 2017 तक नई दिल्ली के मूलचंद मेडिसिटी में बतौर सीनियर कंसल्टेंट काम किया है। इस दौरान उन्होंने मेडिकल साइंसेज पर कई सारी किताबें लिखीं हैं। साल 2014 में डॉ अग्रवाल को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष रूप में चुना गया।
मेडिकल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए साल 2010 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही वर्ष 2005 में मेडिकल कैटेगरी के सर्वोच्च पुरस्कार डॉ बीसी रॉय पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें विश्व हिंदी सम्मान, राष्ट्रीय विज्ञान संचार पुरस्कार, फिक्की हेल्थ केयर पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड, डॉ डीएस मुंगेकर राष्ट्रीय आईएमए पुरस्कार और राजीव गांधी उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं।
कोरोना काल में डॉ अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों की मदद करना शुरू किया। उन्होंने कोरोना क्या है से लेकर इसके इलाज तक की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई। 27 जनवरी को वैक्सीन का पहला डोज लगवाने के बाद भी उन्होंने लाइव आकर लोगों को इसके बारे में जागरूक किया। इसी दौरान उनकी पत्नी का कॉल आया और अकेले वैक्सीन लगवाने पर खफा पत्नी ने लाइव सेशन के दौरान ही उनकी क्लास लगा दी थी। यह वीडियो उस दौरान खूब वायरल हुआ था।