अंडमान निकोबार - 89.69 फीसदी स्कूलों में है बिजली कनेक्शन
आंध्र प्रदेश - 92.8 फीसदी
अरुणाचल प्रदेश - 37.5 फीसदी
असम - 24.28 फीसदी
बिहार - 45.82 फीसदी
चंडीगढ़ - 100 फीसदी
छत्तीसगढ़ - 70.38 फीसदी
दादर नगर हवेली - 100 फीसदी
दमन दीव - 98.6 फीसदी
दिल्ली - 99.93 फीसदी
गोवा - 99.54 फीसदी
गुजरात - 99.91 फीसदी
हरियाणा - 97.52 फीसदी
हिमाचल प्रदेश - 92.09 फीसदी
जम्मू कश्मीर - 36.63 फीसदी
झारखंड - 47.46 फीसदी
कर्नाटक - 93.42 फीसदी
केरल - 96.91 फीसदी
लक्षद्वीप - 100 फीसदी
मध्य प्रदेश - 32.58 फीसदी
महाराष्ट्र - 85.83 फीसदी
मणिपुर - 42.08 फीसदी
मेघालय - 26.34 फीसदी
मिजोरम - 69.66 फीसदी
नागालैंड - 55.34 फीसदी
ओडिशा - 36.5 फीसदी
पुड्डुचेरी - 99.86 फीसदी
पंजाब - 99.55 फीसदी
राजस्थान - 64.02 फीसदी
सिक्किम - 87.08 फीसदी
तमिलनाडु - 99.55 फीसदी
तेलंगाना - 89.89 फीसदी
त्रिपुरा - 31.11 फीसदी
उत्तर प्रदेश - 44.76 फीसदी
उत्तराखंड - 75.28 फीसदी
पश्चिम बंगाल - 85.59 फीसदी
ये आंकड़े लोकसभा में पेश किये गये हैं। ये UDISE 2017-18 के अनुसार हैं।
रमेश पोखरियाल निशंक बताया कि स्कूलों में ये सुविधाएं केंद्र सरकार / राज्य सरकार के अन्य मंत्रालय / विभागों की अन्य योजनाओं / कार्यक्रमों के अनुरूप भी दी जाती है। दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाई जाती है। इसलिए जिन स्कूलों को बिजली कनेक्शन की जरूरत है, वे राज्य विद्युत युटिलिटी से संपर्क कर सकते हैं।