डूसू चुनाव में कुल 1,45, 893 वोटर हैं और सुबह शाम की पाली में कुल 51, 300 छात्रों ने वोट किया है। इससे पहले 2010 और 2011 में मतदान का प्रतिशत 35 फीसदी रहा था।
उधर हाईकोर्ट की तरफ से मतगणना पर लगाई गई रोक के कारण नतीजे जारी होने पर संशय बरकरार है। डीयू में शुक्रवार को डूसू चुनाव के लिए मतदान संपन्न होते ही एक माह से चला आ रहा डूसू का संग्राम अंतिम चरण में पहुंच गया। अब उम्मीदवारों का भविष्य क्या रहेगा इस पर मतगणना पर लगी रोक हटने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। डूसू चुनाव के लिए कुल 52 कॉलेजों और विभागों में मतदान केंद्र बनाए गए थे।
चुनाव को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए उत्तर और दक्षिण दोनों परिसरों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मी मोटरसाइकिलों पर परिसर में गश्त करते देखे गए।
मतदान दो चरणों में हो रहा है। सुबह के कॉलेजों के छात्र दोपहर 1 बजे तक वोट डाल सकते हैं, जबकि शाम के कॉलेजों के छात्रों के लिए मतदान का दूसरा चरण दोपहर 3 बजे शुरू हुआ और शाम 7.30 बजे तक चलेगा। कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें से अध्यक्ष पद के लिए आठ, उपाध्यक्ष पद के लिए पांच तथा सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए चार-चार उम्मीदवार हैं।
इस वर्ष आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी), कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई), वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) प्रमुख खिलाड़ी हैं। वर्तमान में छात्रसंघ में सबसे अधिक सीटें ABVP के पास हैं।