आईआईएम में एक साल का एग्जीक्यूटिव डिप्लोमा डिग्री के रूप में मान्य नहीं होगा। केंद्र सरकार ने आईआईएम प्रबंधन को कहा है कि यूजीसी एक्ट के तहत दो साल का डिप्लोमा ही डिग्री के रूप में दिया जा सकता है। वहीं, सरकार ने आईआईएम से तीन साल का एक्शन प्लान भी मांगा है।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर और आईआईएम चेयरमैन की बुधवार को एक अहम बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, जावडे़कर ने आईआईएम से तीन साल का एक्शन प्लान, सात साल का रणनीतिक योजना और पंद्रह साल का विजन दस्तावेज देने का निर्देश दिया है। वहीं, आईआईएम प्रबंधन से 31 मार्च तक नियम बनाने को भी कहा है। बैठक में कुछ आईआईएम प्रबंधन ने डिग्री-डिप्लोमा विवाद उठाते हुए कहा कि केंद्र निर्देश जारी करे।
हालांकि कुछ आईआईएम ने कहा कि उन्होंने दीक्षांत समारोह की तैयारी कर रखी है। वहीं, कुछ ने छात्रों की मांग पर डिप्लोमा देने की ही बात दोहराई। इस पर जावडे़कर ने कहा कि आईआईएम इस वर्ष अपनी सहूलियत से डिग्री या डिप्लोमा दे सकते हैं। हालांकि 2018-19 सत्र से डिग्री ही मान्य होगी।