स्कूल छोड़ने की दर में आएगी कमी
उन्होंने कहा कि यह योजना विद्यार्थियों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करेगी तथा माध्यमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की दर में कमी लाएगी।
यह कार्यक्रम 'प्रधानमंत्री पोषण योजना' के अंतर्गत पूरे देश में जारी है।
कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है।
पॉकेट मनी प्रदान करने की योजना की भी घोषणा
माझी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने स्कूल छोड़ने वाले छात्रों को रोकने के लिए जेब खर्च उपलब्ध कराने हेतु 'शहीद माधो सिंह हाता खर्चा योजना' शुरू की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई भाजपा सरकार स्कूली शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं कि छात्र बिना किसी वित्तीय बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।