बीजेपी नेताओं ने उठाए सवाल
राज्य सरकार ने कहा कि सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त हाई स्कूलों में कक्षा 09 और 10 के छात्रों को मुख्यमंत्री छात्र-छात्रा परिधान योजना के तहत क्रमशः धारियों वाली सफेद और हरी शर्ट, पैंट और हरे ब्लेजर प्रदान किए जाएंगे। भुवनेश्वर की सांसद और बीजेपी नेता अपराजिता सारंगी ने कहा कि सरकार को ड्रेस का रंग बदलने से पहले विचार-विमर्श करना चाहिए था।
सांसद सारंगी ने कहा, "ऐसा संदेह है कि बदले हुए रंग का उद्देश्य छोटे बच्चों और उनके माता-पिता के दिमाग को प्रभावित करना है।" उन्होंने कहा कि सरकार को इसके बजाय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बदलने के लिए उपाय करना चाहिए। भाजपा विधायक सूर्यबंशी सूरज ने ट्विटर पर कहा, "क्या राज्य सरकार परोक्ष रूप से स्कूली बच्चों को पार्टी की विचारधारा की ओर आकर्षित नहीं कर रही है?" सूरज ने बताया कि स्कूलों को भी हरे रंग से रंगा गया है।
धामनगर के भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि ओडिशा को 'समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूल सालाना यूनिफॉर्म के लिए 240 करोड़ रुपये का अनुदान मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया, ''अब, केंद्रीय धन को मुख्यमंत्री छात्र छात्रा परिधान योजना में स्थानांतरित किया जा रहा है।'' ओपीसीसी अभियान समिति के प्रमुख और वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिजय कुमार पटनायक ने भी स्कूल यूनिफॉर्म का रंग बदलने की सरकार की योजना की निंदा की।
पटनायक ने कहा, "राज्य सरकार को हरे रंग का उपयोग करने से पहले दो बार सोचना चाहिए था क्योंकि इसके राजनीतिक अर्थ है। सत्तारूढ़ दल की पहचान बड़े पैमाने पर हरे रंग से होती है। सरकार को स्कूलों को क्षुद्र राजनीति से ऊपर रखना चाहिए।"