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ओडिशा: खाद-ईंधन की सप्लाई पर संकट के बीच कॉलेज कैंटीन के लिए निर्देश, पूरी-वड़ा और बोंडा कम करने को कहा

Fri, 28 Aug 2026 05:34 PM IST
शाहीन परवीन पीटीआई, भुवनेश्वर

सार

वैश्विक सप्लाई संकट के बीच ओडिशा सरकार ने कॉलेज हॉस्टल और कैंटीन में तेल की खपत कम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पूरी, वड़ा और बोंडा जैसे ज्यादा तेल वाले नाश्ते से बचने की सलाह दी गई है।
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Odisha Government - फोटो : AI
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विस्तार
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Odisha Government: ओडिशा में कॉलेज कैंटीन के खाने में बदलाव करने की तैयारी है। सरकार ने छात्रों के लिए हेल्दी फूड को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ज्यादा तेल में बनने वाले नाश्ते से दूरी बनाने को कहा है।

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सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों के प्रिंसिपलों को कैंटीन के मेन्यू पर ध्यान देने और पूरी, वड़ा व बोंडा जैसी तली हुई चीजों की जगह कम तेल वाले विकल्प रखने के निर्देश दिए गए हैं।
 
उच्च शिक्षा विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी रमेश चंद्र बेहेरा ने शुक्रवार को इस बारे में कॉलेजों के प्रिंसिपलों को पत्र लिखा। पत्र में बेहेरा ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद से दुनिया को बार-बार सप्लाई चेन में रुकावटों और संकटों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूक्रेन और ईरान में हुए संघर्षों के कारण भी भोजन, खाद और ईंधन की सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें पैदा हुई हैं।
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उन्होंने लिखा, "दुनिया का कोई भी देश इस संकट के आर्थिक असर से अछूता नहीं है।"

यह बताते हुए कि कई देशों ने ईंधन की मांग कम करने के लिए कदम उठाए हैं, बेहेरा ने कहा कि भारत भी इस लंबे समय से चल रहे संकट के "नकारात्मक नतीजों" का सामना कर रहा है।

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छात्रों के लिए कम तेल वाला खाना तैयार करने के निर्देश

डिप्टी सेक्रेटरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से देश के सामने मौजूद चुनौतियों से निपटने में अपने स्तर पर छोटे-छोटे योगदान देने की अपील की थी।

इसी के तहत विभाग ने कॉलेज प्रिंसिपलों से कहा है कि वे हॉस्टल और कैंटीन में खाना बनाते समय तेल का इस्तेमाल कम करने के लिए जरूरी निर्देश दें।

विभाग ने प्रिंसिपलों से कहा, "नाश्ते में ज्यादा तेल वाली चीजें जैसे पूरी, वड़ा और बोंडा न रखें, पोषण से समझौता किए बिना डीप-फ्राई किए गए खाने को कम करें और बाहर से मंगाए जाने वाले पाम/सूरजमुखी/सोयाबीन तेल की जगह पारंपरिक घी, सरसों के तेल और मूंगफली के तेल के इस्तेमाल को बढ़ावा दें।"

नेशनल सर्विस स्कीम (NSS) और यूथ रेड क्रॉस (YRC) के स्वयंसेवकों को भी जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए कहा गया है। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को घर में रोज खाना बनाते समय कम तेल इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
 
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