शिक्षा और नवाचार से समाज और राष्ट्र में सकारात्मक योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि NSUT जैसे संस्थान युवाओं के दिमाग को तैयार करने में बहुत मदद करते हैं, ताकि वे देश के भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। इसमें बुनियादी ढांचा, प्रदूषण, हरित ऊर्जा और नवाचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने विश्वविद्यालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की दो प्रतिमाओं के उद्घाटन का भी जिक्र किया और कहा कि यह गर्व की बात है कि यह संस्थान एक महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर है, जिनका जीवन और नेतृत्व आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।
उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की मेहनत से मिली आज़ादी ने वर्तमान पीढ़ी पर देश के भविष्य की जिम्मेदारी डाली है, खासकर अब जब देश ने 78 साल की आजादी पूरी कर ली है।
गुप्ता ने कहा कि हाल के वर्षों में तकनीक और विकास ने बहुत बदलाव लाया है। डिजिटल पहल (digital initiatives) ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सामाजिक और आर्थिक तौर पर प्रभावित किया है।
ज्ञान और नवाचार से चुनौतियों का समाधान करने की प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने स्नातक छात्रों, खासकर इंजीनियरों से कहा कि वे अपने ज्ञान और नवाचार का इस्तेमाल लंबी समय से चली आ रही शहरी और राष्ट्रीय समस्याओं को हल करने के लिए करें।
उन्होंने यह भी कहा कि डिग्री केवल अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि एक मील का पत्थर है, जो छात्रों को सीखते रहने और नए रास्तों के प्रति खुला रहने के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि शिक्षा और ज्ञान का महत्व इस बात पर नहीं निर्भर करता कि छात्र अपने करियर में किस क्षेत्र का चुनाव करते हैं।
गुप्ता ने विश्वास जताया कि स्नातक होने वाले छात्र अपने परिवार, समाज और देश में सकारात्मक योगदान देंगे और आने वाले वर्षों में भारत को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।