अनुसंधान को बढ़ावा देना समय की मांग
एम्स निदेशक डॉ एम श्रीनिवास ने अपने आदेश में कहा है कि संकाय सहित अन्य से पता चला कि पीएचडी और अवार्ड ऑफ इंस्टीट्यूट फेलोशिप के लिए चयन प्रक्रिया में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। साथ ही एम्स में उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भी यह समय की मांग है। साथ ही, यह बात भी सामने आई कि एम्स में मेधावी पीएचडी छात्रों की संख्या को बढ़ाने के लिए इन हाउस फंडिंग तंत्र को विकसित किया जाए।
प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलो के तहत 200 करोड़ का इंतजाम
एम्स में उच्च प्रभाव अनुसंधान को सक्षम करने के लिए छात्रों और पुरस्कार संस्थान फेलोशिप की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए 40-50 पीएचडी शुरू करने का प्रस्ताव दिया गया है। संस्थान फेलोशिप, को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलो (पीएमआरएफ/PMRF) योजना के तहत 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जाएगी।
मसौदा तैयार, जल्द होगा लागू
पीएचडी के लिए चयन प्रक्रिया में प्रस्तावित संशोधनों का एक मसौदा तैयार किया गया है। शैक्षणिक अनुभाग को इसके तुरंत जांच के लिए कहा गया है। इन प्रस्तावित सुधारों के शीघ्र कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी परिषद, शैक्षणिक समिति, स्थायी वित्त समिति सहित अन्य से आगे विचार-विमर्श करने को कहा गया है।
पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा साल में दो बार
डीएम/एमसीएच के साथ देश के विभिन्न केंद्रों पर पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी तरह वस्तुनिष्ठ, पारदर्शिता होनी चाहिए और लिखित परीक्षा पर आधारित होगी। इसके लिए किसी भी स्तर पर कोई साक्षात्कार नहीं होगा।