सांसद के सवाल पर सरकार का जवाब
राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा ने सरकार से पूछा था कि बीते पांच वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के कितने मामले सामने आए हैं और किन राज्यों में ऐसे मामलों की संख्या ज्यादा रही है। इसके जवाब में मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के पदों के लिए यूपीएससी और एसएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं में इस अवधि के दौरान पेपर लीक की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
किन परीक्षाओं पर दी गई जानकारी?
सरकार ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि यह जानकारी केवल उन भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी है जो कार्मिक विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाली दो प्रमुख एजेंसियों यूपीएससी और एसएससी के माध्यम से आयोजित की जाती हैं। इन दोनों संस्थाओं द्वारा केंद्रीय सेवाओं और विभिन्न सरकारी पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
परीक्षा सुरक्षा पर सरकार का दावा
लिखित उत्तर में कहा गया कि इन परीक्षाओं की प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू किए जाते हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार पिछले पांच वर्षों में किसी भी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना दर्ज नहीं हुई है।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर
सरकार ने यह भी संकेत दिया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए समय-समय पर सुधार और तकनीकी उपायों को लागू किया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि उम्मीदवारों को निष्पक्ष और भरोसेमंद भर्ती प्रक्रिया मिल सके और परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।