मणिपुर सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए अप्रैल से लेकर जुलाई तक की स्कूल फीस माफ कर दी है। शिक्षा मंत्री डॉ टी राधेश्याम ने कहा कि अप्रैल से लेकर जुलाई तक की स्कूल फीस एकत्र नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को यह आदेश दिया है। उनका कहना है कि अगर किसी स्कूल ने अप्रैल से लेकर जुलाई तक की फीस अभिभावकों से ली है, तो उसे आगे के महीनों में समायोजित किया जाएगा। सूबे की सरकार ने कोरोना वायरस की वजह से पैदा हुई स्थिति को देखते हुए अप्रैल से लेकर जुलाई तक की स्कूल फीस माफ की है।
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इस आदेश के बाद अब राज्य के सभी निजी और सहायता प्राप्त स्कूल विद्यार्थियों की अप्रैल से लेकर जुलाई तक की फीस माफ करेंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी नहीं करने का भी निर्देश दिया है। सरकार ने स्कूलों को मार्च तक के लिए किसी भी नामकरण के तहत फीस सहित स्कूल फीस में बढ़ोतरी नहीं करने को कहा है। सरकार ने साफ किया है कि अगर किसी स्कूल ने अभिभावकों से अप्रैल से लेकर जुलाई तक की फीस ली है तो उसे बाद के महीनों के लिए समायोजित किया जाएगा।
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हालांकि, सरकार का कहना है कि सभी निजी स्कूल और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल इस सत्र में बिना कोई बढ़ोत्तरी के प्रवेश शुल्क ले सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने सभी निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों से शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का अप्रैल से लेकर जुलाई तक का वेतन भुगतान करने के लिए भी कहा है। शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के वेतन का भुगतान छात्रों के नामांकन के अनुसार किया जाएगा। सरकार का साफ कहना है कि सभी निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना है।