डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी की तर्ज पर श्रेणी एक वाले स्टैंडअलोन संस्थानों का अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) निरीक्षण नहीं करेगी। श्रेणी एक वाले संस्थानों को मंजूरी के तहत अब शोध कार्यों के लिए अनुदान भी मिलेगा।
रेगुलेशन के तहत श्रेणी एक वाले संस्थान अब शोध कार्यों के लिए कैंपस में रिसर्च पार्क भी खोल सकेंगे। इसके अलावा श्रेणी एक व दो वाले संस्थान ओपन एंड डिस्टेंस मोड से पढ़ाई करवा सकेंगे।
ओपन एंड डिस्टेंस की पढ़ाई शुरू करवाने के लिए उन्हें एआईसीटीई की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी। श्रेणी एक व दो वाले संस्थान अपने कैंपस में स्किल कोर्स भी शुरू कर पाएंगे। इसके अलावा अब पीजी डिप्लोमा के साथ सर्टिफिकेट प्रोग्राम की पढ़ाई भी करवा सकेंगे।
उक्त दोनों श्रेणियों के संस्थानों को अपनी कुल सीटों में से 20 फीसदी पर विदेशी छात्रों को दाखिला देने की आजादी होगी। वे विदेशी छात्रों से स्वयं तय फीस ले सकेंगे। इसके अलावा विदेशी शिक्षकों का वेतन भी स्वयं तय कर सकते हैं।