विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने रविवार, 18 जुलाई, 2021 को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस साल केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिलों के लिए कोई सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। आयोग ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) को शैक्षणिक सत्र 2022-2023 से लागू किया जा सकता है।
यूजीसी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री और शिक्षा मंत्रालय को टैग करते हुए एक ट्वीट में कहा है, वैश्विक संक्रामक कोविड - 19 महामारी को देखते हुए, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के दौरान प्रवेश प्रक्रिया, पिछले अभ्यास के अनुसार जारी रखी जा सकती है। केंद्रीय विश्वविद्यालय सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीयूसीईटी) अगले एकेडमिक सेशन 2022-23 से लागू किया जा सकता है। बता दें कि सीयूसीईटी का प्रावधान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी किया गया है।
इससे पहले आयोग ने 16 जुलाई को नए शैक्षणिक दिशा-निर्देश जारी किए थे और विश्वविद्यालयों को 30 सितंबर तक स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कहा था। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को 30 अगस्त तक अंतिम सेमेस्टर या अंतिम वर्ष की परीक्षाएं पूरी करने को भी कहा है।
गौरतलब है कि सीयूसीईटी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में प्रस्तावित किया गया था। दिसंबर 2020 में, केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने एनईपी, 2020 के अनुसार केंद्रीय विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) के तौर-तरीकों की सिफारिश करने के लिए एक सात सदस्यीय समिति का गठन किया।
वहीं, नई शिक्षा नीति - 2020 की परिकल्पना के तहत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) हर साल कम से कम दो बार उच्च गुणवत्ता वाली सामान्य योग्यता परीक्षा, साथ ही विज्ञान, मानविकी, भाषा, कला और व्यावसायिक विषयों में विशेष सामान्य परीक्षा के आयोजन के लिए काम करेगी।