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जमीयत उलेमा-ए-हिंद और एनआईओएस के बीच सहयोग पर एनसीपीसीआर ने जताई आपत्ति, एनआईओएस से मांगा जवाब

Thu, 14 Mar 2024 05:20 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एनआईओएस की सहायता से मदरसा छात्रों को 'मुख्यधारा' की शिक्षा प्रदान करने के लिए जमीयत ओपन स्कूल की स्थापना की।
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विस्तार
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14 मार्च को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने शैक्षणिक नियमों के कथित उल्लंघन की शिकायत के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिंद के साथ सहयोग को लेकर राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से जवाब मांगा है।

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राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के अध्यक्ष को लिखे पत्र में शीर्ष बाल अधिकार निकाय ने जमीयत ओपन स्कूल की स्थापना पर चिंताओं को जताया। जो कथित तौर पर मदरसा छात्रों के लिए है और एनआईओएस द्वारा समर्थित है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने स्थापित शैक्षिक कानूनों और नियमों के साथ संभावित संघर्षों का हवाला देते हुए पहल के बारे में आपत्ति व्यक्त की।
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पत्राचार के अनुसार, आयोग ने विशेष रूप से शिक्षा में बच्चों के अधिकारों की रक्षा के महत्व को रेखांकित किया और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम सहित विभिन्न बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन की देखरेख करने पर जोर दिया।

शिकायत में एनसीपीसीआर ने आरोप लगाया है कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने एनआईओएस की सहायता से मदरसा छात्रों को 'मुख्यधारा' की शिक्षा प्रदान करने के लिए जमीयत ओपन स्कूल की स्थापना की।

आरोपों के जवाब में, एनसीपीसीआर ने एनआईओएस से एक व्यापक रिपोर्ट का अनुरोध किया है, जिसमें जमीयत उलेमा-ए-हिंद के साथ किसी भी समझौते या समझौता ज्ञापन (एमओयू) का विवरण मांगा गया है।

आयोग ने जमीयत ओपन स्कूल में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए फीस संरचना के साथ-साथ जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा प्राप्त धन की सीमा और इस तरह के वित्तीय लेनदेन में एनआईओएस की भागीदारी के बारे में भी जानकारी मांगी है।

एनसीपीसीआर ने प्राथमिक स्तर के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से शिक्षा की आवश्यकता पर सवाल उठाया है, यह तर्क देते हुए कि यह शिक्षा के अधिकार अधिनियम  में आता है, जो सभी बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा की गारंटी देता है।

आयोग ने एनआईओएस आग्रह किया है कि ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद करें और प्रभावित बच्चों को औपचारिक स्कूली शिक्षा प्रणालियों में नामांकन की सुविधा प्रदान करें

एनसीपीसीआर ने एनआईओएस को आरोपों का जवाब देने और प्रतिक्रिया में की गई कार्यवाही का विवरण प्रदान करने के लिए सात दिन का समय दिया है।

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