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Silchar: एनआईटी-सिलचर परिसर में विरोध प्रदर्शन के बाद नए डीन की नियुक्ति, अगले आदेश तक रहेगा कार्यकाल

Sun, 24 Sep 2023 01:59 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NIT Silchar: एनआईटी सिलचर में एक छात्र के 15 सितंबर को उसके छात्रावास के कमरे में मृत पाए जाने के बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शन के बाद प्रोफेसर बृंदा भौमिक को एनआईटी-सिलचर में बीके रॉय की जगह एकेडमिक डीन नियुक्त किया गया है।
 
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NIT Silchar - फोटो : Social media
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विस्तार
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NIT Silchar Student Death Case: असम के सिलचर में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष का एक छात्र बीते 15 सितंबर को अपने छात्रावास के कमरे में कथित तौर पर मृत पाया गया था। छात्र की आत्महत्या को लेकर परिसर में एक सप्ताह तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी कि प्रोफेसर बृंदा भौमिक को एनआईटी-सिलचर में बीके रॉय की जगह एकेडमिक डीन नियुक्त किया गया है।

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एक अधिसूचना के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर भौमिक को 25 सितंबर से डीन के रूप में नियुक्त किया गया है। कहा गया है कि उनका कार्यकाल कार्यभार संभालने की तारीख से दो साल की अवधि के लिए या अगले आदेश तक अनंतिम रूप से रहेगा।

अरुणाचल प्रदेश के तीसरे वर्ष के एक छात्र के 15 सितंबर को उसके छात्रावास के कमरे में मृत पाए जाने के बाद परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। छात्र आरोप लगा रहे हैं कि रॉय ने पीड़ित छात्र का अपमान किया था, छात्र को 2021 में आयोजित प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में छह बैकलॉग भी मिले थे।
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छात्रों ने दावा किया कि लॉकडाउन के कारण, वह घर पर था। इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी के कारण वह ऑनलाइन कक्षाओं में भाग लेने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप बैकलॉग हो गया। छात्रों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से एक विशेष परीक्षा आयोजित करने की अपील की थी ताकि वह बैकलॉग को क्लियर कर सकें लेकिन रॉय ने कथित तौर पर उनका अपमान किया। 

छात्रों ने बताया कि इस घटना के बाद ही उसने खुद को अपने कमरे में बंद कर लिया और बाद में उसका शव लटका हुआ पाया गया। उनकी मांगों में रॉय का इस्तीफा था, जिन्हें उन्होंने आत्महत्या के लिए दोषी ठहराया था, और विरोध के लिए छात्रों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

छात्र अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर चले गए और कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद शुक्रवार को वे भूख हड़ताल से हट गए।

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