मिरांडा हाउस का सात सालों से देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेज का खिताब पर कब्जा कायम है। केंद्र सरकार की जारी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) 2023 में एक बार फिर दिल्ली शिक्षा के क्षेत्र में अव्वल रही है। दिल्ली के संस्थानों का इंजीनियरिंग, मेडिकल, आर्किटेक्चर, लॉ, डेंटल, मैनेजमेंट, इनोवेशन, एग्रीकल्चर, लॉ की पढ़ाई में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है।
वहीं, आईआईटी कानपुर ओवरऑल वर्ग में पांचवें, शोध में छठे तो इंजीनियरिंग वर्ग में चौथे नंबर पर है। इसी तरह आईआईटी रूड़की ओवरऑल श्रेणी में आठवें, शोध वर्ग में सातवें और इंजीनियरिंग श्रेणी में पांचवे नंबर पर है। आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग श्रेणी में आईआईटी रूड़की का पहला नंबर है। इसी श्रेणी में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय नौवें नंबर पर है।
इनोवेशन के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर को पहली रैंकिंग मिली है। आईआईटी रुड़की इस मामले में पांचवे नंबर पर है। वहीं, विश्वविद्यालय श्रेणी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय पांचवे, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय नौवें नंबर पर है। इसके अलावा फार्मेसी वर्ग में एनआईपीईआर मोहाली को छठा और पंजाब विश्वविद्यालय को आठवां स्थान मिला है। प्रबंधन की श्रेणी में आईआईएम लखनऊ पांचवे नंबर पर है। मेडिकल श्रेणी में पीजीआई चंडीगढ़ को दूसरा, संजय गांधी पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, लखनऊ को सातवां और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय को आठवां स्थान मिला है। विधि क्षेत्र में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ दसवीं रैंकिंग पर है। कृषि वर्ग में करनाल का नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यू को दूसरी तो पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना को तीसरी रैंकिंग मिली है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय इस श्रेणी में चौथे और इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बरेली छठे स्थान पर रहा।
वित्तीय मदद को एनआईआरएफ रैंकिंग व एनएएसी ग्रेडिंग जरूरी
जिन विश्वविद्यालय और कॉलेजों के पास एनएएसी ग्रेडिंग या एनआईआरएफ रैंकिंग होगी, उन्हें यूजीसी से वित्तीय मदद आसानी से मिल जाएगी। इसके अलावा प्रत्यायन और मूल्यांकन अनिवार्य होगा। प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान को मान्यता प्राप्त होना जरूरी होगा। स्वघोषणा और पारदर्शिता मूल्यांकन और प्रत्यायन का आधार होगी।