फैडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (Forda) इंडिया ने ट्वीट में कहा कि हमें उम्मीद है कि आगामी मसौदा सभी आईएमजी और एफएमजी छात्रों के लिए अधिक अनुकूल और तर्कसंगत होगा। इसे सुनिश्चित करने के लिए हम नेशनल मेडिकल कमीशन और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने रायपुर में दिया था संकेत
इससे पहले एम्स रायपुर के एक कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने घोषणा की थी कि नेक्स्ट एग्जाम एमबीबीएस 2019 बैच की जगह 2020 बैच से लागू किया जाएगा। इसका अभिप्राय था कि नेक्स्ट 2024 के अंत या 2025 की शुरुआत से अमल में आएगा और तब तक नीट पीजी परीक्षा और एफएमजीई का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।
वहीं, इससे पहले विभिन्न राज्यों और स्टेट मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण और नेक्स्ट के लिए आवेदन की पात्रता मानदंड में भेदभाव और एकसमान नियमों के विरोध में मेडिकल छात्रों के द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे। जिसके बाद फोर्डा इंडिया मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से दखल देने की मांग की थी।