अब तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के अलावा अन्य किसी राज्य स्कूल बोर्ड पर केंद्र का हस्तक्षेप नहीं होता है। ये बोर्ड संबंधित राज्यों की सरकारों द्वारा ही नियंत्रित होते हैं। लेकिन आने वाले समय में सभी राज्यों के अलग-अलग स्कूली शिक्षा बोर्ड्स (State School Boards) के लिए एक ही नियामक संस्था होगी। यह केंद्रीय संस्था मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD Ministry - MHRD) के अधीन काम करेगी। यह प्रस्ताव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के ड्राफ्ट में दिया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रस्ताव को मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) द्वारा अंतिम रूप दिया जा चुका है। अब इसे केंद्रीय मंत्रीमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। बताया गया है कि इस प्रस्ताव में अंतिम समय पर कुछ बदलाव संभव हो सकते हैं।
इस नीति में दिए गए प्रस्तावों के आधार पर कहा जा रहा है कि इसके लागू होने से बोर्ड परीक्षाएं भी आसान होंगी। इन परीक्षाओं के जरिए छात्रों की आधारभूत क्षमताओं को परखा जाएगा, न कि रटने की क्षमता को।